बाल विवाह में सुहागरात, फायदा या नुकसान

हमारे देश में कम उम्र में ही शादी का प्रचलन सदियों से चला आ रहा हैं। कम उम्र में शादी करने से स्त्रियों, बच्चों, कानून, समाज में बराबरी और सहिष्णुता के प्रति कोई सम्मान संभव नहीं हैं।

बाल विवाह में सुहागरात

हमारे भारत देश में कम उम्र में ही शादी का प्रचलन सदियों से चला आ रहा हैं। बाल विवाह करने से स्त्रियों, बच्चों, कानून, समाज में बराबरी और सहिष्णुता के प्रति कोई सम्मान संभव नहीं हैं। कम उम्र में शादी होने से परिवार में झगड़े होते हैं और पूरा परिवार तनाव में रहता हैं। हमारे देश में अंग्रेजों द्वारा पश्चिमी सभ्यता शुरू होने के बाद लोगों के विचारों में काफी बदलाव आये हैं।

पहले परिवार वाले लड़कों की शादी 10 से 14 वर्ष की उम्र में कर दी जाती थी और लडकियों की शादी 7 से 10 वर्ष की उम्र में कर देते थे जो कि उनके भविष्य के लिए एक चौनोती थी। पश्चिमी सभ्यता के हावी होने के बाद शादी करनी की उम्र बढ़ी हैं और वर्तमान समय में लोग 20 से 30 साल की उम्र में ही शादी कर रहे हैं। भारतीय श्रम कल्याण विभाग ने विवाह के लिए लड़के की उम्र 21 वर्ष निर्धारित की हैं और लड़कियों की उम्र 18 वर्ष निर्धारित की हैं।

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बाल विवाह में सुहागरात फायदा

बाल विवाह में सुहागरात के फायदे

बाल विवाह में सुहागरात बनाने के कई फायदे हैं जिसके बारे में हम बता रहे हैं:-

बाल विवाह में सुहागरात बनाने से जल्दी ही बच्चे पैदा हो जाते हैं जिससे उनके बच्चों के कैरियर को सही दिशा मिल सकती हैं।

कम उम्र से शादी करने से सेक्स (शारीरिक संबंध बनाने) की जरूरत को पूरा किया जा सकता हैं।

कम उम्र में शादी करने से लड़का और लड़की अपने जीवनसाथी को आसानी से समझ पाते हैं।

कम उम्र में शादी करने से लड़की अपने ससुराल में खूब घुल मिल जाती हैं और अपना सारा परिवार अपने ससुराल को ही मानती हैं।

इसके अलावा बाल विवाह करने के कई फायदे हैं उनके बारे में आप कमेंट करके जरूर बताइए।

 

बाल विवाह में सुहागरात नुकसान

बाल विवाह में सुहागरात के नुकसान

बाल विवाह में सुहागरात के कई फायदे हैं तो उससे ज्यादा इसके नुकसान भी हैं जिसके बारे में हम बता रहे हैं:-

कम उम्र में शादी करने से व्यक्ति का मानसिक विकास पूर्णत: नहीं हो पता हैं।

कम उम्र में शादी करने से परिवार की जिम्मेदारी समय से पहले ही उनके कन्धों पर आने की वजह से उनका निर्वाह नहीं हो सकता।

कम उम्र से शादी करने पर पारिवारिक जिम्मेदारी होने से लड़का और लड़की अपना एजुकेशन (पढ़ाई) पूरी नहीं कर पाते हैं और पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं।

कम उम्र में शादी होने के कारण लड़का और लड़की अपना पूरा ध्यान कैरियर या व्यवसाय पर नहीं लगा पाते हैं। अपने कैरियर का विकास या व्यवसाय करने से पहले शादी करने से लड़का और लड़की परिवार की जरूरतों को पूरा नहीं कर पाते हैं।

कम उम्र में शादी करने से लड़कियां समय से पहले ही प्रेग्नेंट (गर्भवती) हो जाती हैं जिसके कारण उन्हें कम उम्र में बच्चों को संभालना पड़ता हैं।

कम उम्र में शादी करने से परिवार की जरूरते पूरी नहीं हो पाती जिसे घरेलु कलह-कलेस बढ़ते हैं और परिवार में आपसी तनाव रहता हैं।

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