स्त्री का कौन सा अंग सबसे पवित्र माना जाता है हिंदू धर्म में

हिन्दू धर्म में स्त्री का कौन सा अंग सबसे पवित्र माना जाता हैं। इसके बारे में हमारे भारतीय समाज में ऋषि-मुनियों ने कई तर्क दिए हैं जो हम आगे पढ़ेंगे।

स्त्री का कौन सा अंग सबसे पवित्र माना जाता है

हमारे देश में स्त्री को देवी का दर्जा दिया जाता हैं। हिन्दू धर्म में लोग नारी की पूजा भी करते हैं और करे भी क्यों ना, क्योंकि नारी ही वह इंसान हैं जिससे दुनिया में इंसानों का वजूद हैं। आज के इस गौर कलयुग में महिलाओं की स्थिति बहुत बिगड़ गई हैं। लोगों की महिलाओं के प्रति सोच बदल गई हैं।

स्त्री का कौन सा अंग सबसे पवित्र माना जाता है

स्त्री का कौन सा अंग सबसे पवित्र माना जाता है

कुछ लोग महिलाओं को अपवित्र कहकर अपमानित करते हैं। हमारे देश में कई स्थानों पर आज भी एक लड़की का जन्म लेना अभिशाप माना जाता हैं। लोग लड़की की देखभाल ठीक प्रकार से नहीं करते हैं। कुछ लोग तो लड़की को जन्म लेते ही मरवा देते हैं। लेकिन वह लोग यह नहीं जानते हैं कि जब लड़की जन्म ही नहीं लेगी तो यह दुनिया आगे कैसे बढ़ेगी।

स्त्री का कौन सा अंग सबसे पवित्र माना जाता है

स्त्री का कौन सा अंग सबसे पवित्र माना जाता है

आपको बताते चले एक महिला ही संसार की मूल सूत्र धारक होती हैं। कुछ लोग महिलाओं का सम्मान नहीं करते हैं उन्हें अपशब्द कहते हैं ऐसे लोगों के घर में माँ लक्ष्मी का आवागमन नहीं होता हैं। लक्ष्मी माँ वहां आवागमन करती हैं जिस जगह पर स्त्री का सम्मान होता हो। जब किसी की शादी होती हैं तो बहु के आवागमन से पूर्व कुछ रश्में निभाई जाती हैं। उन रश्मों के दौरान कई लोग कहते हैं कि घर में लक्ष्मी का आवागमन होने जा रहा हैं।

स्त्री का कौन सा अंग सबसे पवित्र माना जाता है

स्त्री का कौन सा अंग सबसे पवित्र माना जाता है

आज के युग में लड़कियां किसी भी काम में लड़को से पीछे नहीं हैं। आज की महिलाएं पुरुषों के साथ कंधो से कंधा मिलाकर चल रही हैं। आपकी जानकारी के लिए बताते चले भारत के दक्षिण में स्थित केरल राज्य की महिलाएं हर कार्य में पुरुषों के बराबर हैं। केरल के लोग स्त्री की माँ, बेटी और बहन के रूप में पूजा भी करते हैं। शायद इसी कारण, आज के समय में केरल सम्पूर्ण भारत का सबसे विकसित राज्य हैं।

स्त्री का कौन सा अंग सबसे पवित्र माना जाता है

स्त्री का कौन सा अंग सबसे पवित्र माना जाता है

नवरात्रि के दिनों में महिलाओं की पूजा माँ दर्जा का स्वरूप मानकर करते हैं। एक महिला को प्यार, त्याग और ममता की मूर्त माना जाता हैं। एक महिला अपने से ज्यादा अपने घर, परिवार और अपनी संतान के बारे में सोचती हैं। महिला बिना किसी वेतन के अपनी संतान को जिन्दगी भर पालती हैं। इंसान अपनी माँ का ऋण अपनी पूरी जिन्दगी में भी नहीं उतार सकता।

स्त्री का कौन सा अंग सबसे पवित्र माना जाता है

स्त्री का कौन सा अंग सबसे पवित्र माना जाता है

समाज में जो लोग स्त्रियों की पवित्रता के बारे में प्रश्न उठाते हैं उनको बताते चले हमारे ऋषि मुनियो के अनुसार एक ब्राह्मण के पैर पवित्र होते हैं और गाय का पिछला हिस्सा पवित्र होता हैं। इसके अलावा घोड़े और बकरी का मुँह पवित्र होता हैं। हमारे ऋषि मुनियों के अनुसार एक स्त्री के शरीर का हर हिस्सा पवित्र होता हैं. ऐसा हमारे ऋषि-मुनियों का मानना हैं। आप जान चुके हैं कि स्त्री का कौन सा अंग सबसे पवित्र माना जाता है।

Google Trending News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक कीजिए।

2 thoughts on “स्त्री का कौन सा अंग सबसे पवित्र माना जाता है हिंदू धर्म में

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *